
Iftar ki Dua
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ الله हज़रत इब्ने-उमर (र) बयान करते हैं कि जब नबी (ﷺ) रोज़ा इफ़्तार करते तो आप ये दुआ पढ़ा करते थे : ... Read MoreRead More
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ الله हज़रत इब्ने-उमर (र) बयान करते हैं कि जब नबी (ﷺ) रोज़ा इफ़्तार करते तो आप ये दुआ पढ़ा करते थे : ... Read MoreRead More
Surat No 2 : سورة البقرة – Ayat No 3 الَّذِیۡنَ یُؤۡمِنُوۡنَ بِالۡغَیۡبِ وَ یُقِیۡمُوۡنَ الصَّلٰوۃَ وَ مِمَّا رَزَقۡنٰہُمۡ یُنۡفِقُوۡنَ जो ग़ैब पर ईमान लाते हैं, नमाज़ क़ायम करते हैं, ... Read MoreRead More
हज़रत अबू-हुरैरा (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब तुममें से कोई अज़ान (फ़ज्र) सुने और (खाने-पीने का) बर्तन उसके हाथ में हो तो वो अपनी ... Read MoreRead More
हज़रत ज़ैद-बिन-ख़ालिद (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जो शख़्स किसी रोज़ेदार का रोज़ा इफ़्तार कराए या किसी मुजाहिद की तैयारी करा दे तो उसे भी ... Read MoreRead More
हज़रत सलमान-बिन-आमिर (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब तुममें से कोई इफ़्तार करे तो वो खजूर से इफ़्तार करे क्योंकि वो वजह बरकत है। अगर ... Read MoreRead More
हज़रत सहल (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : जब तक लोग इफ़्तारी करने में जल्दी करते रहेंगे वो ख़ैर और भलाई पर रहेंगे। (मुत्तफ़क़ अलैह) Mishkat ... Read MoreRead More
हज़रत अनस (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : सेहरी खाया करो क्योंकि सेहरी खाने में बरकत है। (मुत्तफ़क़ अलैह) Mishkat 1982 हज़रत अम्र-बिन-आस (र) बयान करते ... Read MoreRead More
हज़रत इब्ने-उमर (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया : तुम रोज़ा न रखो यहाँ तक कि तुम (रमज़ान का) चाँद देख लो और रोज़ा रखना न छोड़ो, ... Read MoreRead More
हज़रत इब्ने-अब्बास (र) बयान करते हैं कि जब माहे-रमज़ान आता तो रसूलुल्लाह ﷺ हर क़ैदी को आज़ाद फ़रमा देते और हर सवाल करने वाले को अता किया करते थे। Mishkat ... Read MoreRead More
हज़रत सलमान फ़ारसी (र) बयान करते हैं कि रसूलुल्लाह ﷺ ने शाबान के आख़िरी दिन हमें ख़िताब करते हुए फ़रमाया : लोगो ! एक बा-बरकत माहे-अज़ीम तुम पर साया फ़िगन ... Read MoreRead More