
🌙 अल्हमदुलिल्लाह! सदक़ा-ए-फितर में बढ़ती जागरूकता 🌙
“पैग़ामे सैयद” यानी पैग़ामे क़ुरआन व सुन्नत आज ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँच रहा है। अल्हमदुलिल्लाह, जिन लोगों को अल्लाह ने ख़ूब नवाज़ा है, वे पहले 2-2.5 किलो गेहूँ या उसकी क़ीमत के हिसाब से एक इंसान का सदक़ा-ए-फितर अदा करते थे।
लेकिन अब लोग 1 सा’ (सवा 3 किलो) खजूर, किशमिश, पनीर या अंजीर की मिक़दार के हिसाब से सदक़ा-ए-फितर अदा कर रहे हैं।
📈 इस साल अब तक का सबसे ज़्यादा फित्रा जमा हुआ और अदा किया गया।
हर साल इसमें इज़ाफ़ा हो रहा है, और यह ख़ुशी की बात है कि लोग अहले हक़ तक अपना फित्रा सही तरीके से पहुँचा रहे हैं।
🤲 अल्लाह तआला इसे क़ुबूल फ़रमाए और सबके रिज़्क़ में बरकतों का नुज़ूल करे। आमीन!